a
कौवा हंस की चाल चले तो हंस नहीं कहलाएगा
बगुला पंख लगा कर क्या मोर जैसा नाच पाएगा
मौसम्बी संतरा खाकर भेड़िया नारंगी नहीं हो जाएगा
गधे की पीठ पर वकालत की किताब रखने से गधा वकील नहीं बन पायेगा
मौका परास्त इंसानों से दोस्ती रखोगे तो एक दिन धोका जरूर हो जायेगा
बेईमानों से दोस्ती करोगे तो सारा पैसा लूट जाएगा
अज्ञानी व वेहमी लोगों की सुनोगे तो ज्ञान नहीं बढ़ पाएगा
इंसान इंसान को बाटोगे तो खुदा ,गॉड और भगवान को भी गुस्सा आ जाएगा
जीवन अच्छे से जीना है तो बस प्यार मोहब्बत काम आएगा
हर वक्त गुस्से और झगड़े की बात करोगे तो चैन से जीना मुश्किल हो जाएगा
दोस्ती और भाईचारे से नहीं चलोगे तो फिर से शैतान का राज आएगा
सुबह का भूला लौट कर आए तो भूला नहीं कहलाएगा
कौवा हंस की चाल चले तो हंस नहीं कहलाएगा, हंस नहीं कहलाएगा
किताबें ,तजुर्बे और विद्वानों की वचनों से ही भारत में तरक्की आएगा
सेवा और परोपकार की बात करोगे तो जीवन सफल हो जायेगा, जीवन सफल हो जायेगा, जीवन सफल हो
राजीव मगन
