अब खिड़की के बाहर अलग मौसम है और खिड़की के अंदर अलग सांसे है और दृष्य भी...
POETRY OCEAN
कभी कभी बस नींद नहीं आती बातें काटती रहती हैं, रातें बांटती रहती हैं, उस दर्दभरी लम्हातों...
हम खामोश हैं पर फिर भी चीख है, सूरज की तपती धूप में अंधेरों की पीड़ है।।...
रात भर सर्दी ने सांसे लीं, सुबह कोहरा गुनगुनाता रहा, जंगलों और घरों का धुंधला गया दृष्य,...
Thank you God you make me a human being, I will care of it and this I...
मन की देहरी से शुरू होती है, वह बैच पर भी हो सकती है, सड़क मे छाये...
हर तरह के लेख लिखती लेखनी। भिन्न-भिन्न से अनुभव करती लेखनी।। मन के हर सुख-दुख के भेद...
बर्फ से घिरे ठिठुरते गाँव मे पूछो, आग का अर्थ पेड़ों से टपक रही है बूंदें, सुबह...
सर्दी की धूप और कोहरे छन कर आता गीत आज की सपनीली झील बोलता हुआ जंगल सर्दी...
जी रही है नदी उसने देखे हैं प्रवाह रोक दिये जाने का दर्द खेतों मे बहा देने...
